उत्तराखंड राज्योत्सव के मौके पर देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी का लक्ष्य स्पष्ट कर दिया। उन्होंने समर्थकों से कहा कि यहां से राहुल गांधी तक आवाज पहुंचनी चाहिए कि उत्तराखंड में फिर बीजेपी की सरकार बनेगी। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इसी मंच से भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए बनाए गए कानून और अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया। कार्यक्रम के दौरान 1,475 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
राहुल गांधी का नाम लेकर अमित शाह ने क्या कहा?
देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने उत्तराखंड में बीजेपी की दोबारा सरकार बनने का दावा किया। उन्होंने समर्थकों से अपनी आवाज राहुल गांधी तक पहुंचाने की अपील की। सभा में शाह ने ‘जय श्रीराम’ के नारे भी लगवाए।
2027 की शुरुआत में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले राजधानी देहरादून में अमित शाह का यह बयान बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए चुनावी संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने पार्टी के सामने प्रदेश में फिर से सत्ता हासिल करने का लक्ष्य रखा।
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर धामी का पलटवार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे और उनके ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर टिप्पणी करते हुए इसे ‘झूठ की गूंज’ बताया। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया।
भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने नकल रोकने के लिए सख्त कानून बनाया है। उन्होंने दावा किया कि इस कानून के लागू होने के बाद युवाओं को नौकरियां मिल रही हैं।
अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कांग्रेस को दिया जवाब
अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने मामले में दोषियों को सजा दिलाई है। उन्होंने कांग्रेस पर इस प्रकरण को लेकर जनता के बीच गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।
भर्ती परीक्षाओं और अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे मुद्दे उत्तराखंड की राजनीति में लगातार चर्चा में रहे हैं। कांग्रेस इन मुद्दों के जरिए सरकार को घेरती रही है, जबकि मुख्यमंत्री ने जनसभा में इन पर सरकार का पक्ष रखा।
राज्य आंदोलनकारियों से लेकर उत्तराखंड पुलिस तक का जिक्र
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार राज्य आंदोलनकारियों की अपेक्षाओं के अनुरूप उत्तराखंड को विकसित करने के लिए काम कर रही है। शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने मदरसा बोर्ड की जगह अल्पसंख्यक विकास प्राधिकरण बनाए जाने का जिक्र किया। उन्होंने इस फैसले को सभी के लिए समान शिक्षा के अवसरों से जोड़कर पेश किया।
धामी ने उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति निशान मिलने पर प्रदेशवासियों को बधाई भी दी। इसके अलावा उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने और तीन नए आपराधिक कानून लागू करने जैसे फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे देश की एकता मजबूत हुई है।
चुनाव आयोग और ईवीएम को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सवालों पर भी मुख्यमंत्री ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव जीतने पर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाता, लेकिन हारने के बाद कभी चुनाव आयोग तो कभी ईवीएम को जिम्मेदार ठहराता है।
देहरादून से पहले भी बीजेपी ने शुरू कर रखी थी चुनावी तैयारी
परेड ग्राउंड की जनसभा से पहले भी बीजेपी प्रदेश में कई राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां चला रही थी। मुख्यमंत्री धामी ने 30 अक्टूबर को पौड़ी गढ़वाल से पार्टी का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान शुरू किया था। इसके बाद 3 नवंबर को रुद्रपुर में सभा आयोजित की गई।
देहरादून की जनसभा से पहले रायपुर, राजपुर, धर्मपुर, कैंट और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में भी बीजेपी ने बैठकें कीं। इन बैठकों में बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और संगठनात्मक तैयारियों पर जोर दिया गया।
1,475 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
राज्योत्सव के कार्यक्रम के दौरान 1,475 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। बीजेपी इन परियोजनाओं के जरिए अपने विकास कार्यों को जनता के सामने रखने की तैयारी कर रही है।
वहीं, भर्ती परीक्षाओं और अंकिता भंडारी हत्याकांड पर मुख्यमंत्री के जवाब से साफ रहा कि बीजेपी आगामी चुनाव से पहले उन मुद्दों पर भी अपना पक्ष रख रही है, जिन्हें कांग्रेस लगातार उठा रही है।
2027 के चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज
देहरादून की जनसभा में अमित शाह ने प्रदेश में बीजेपी की वापसी का लक्ष्य सामने रखा, जबकि मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के सवालों का जवाब दिया। इससे पहले शुरू किए गए राजनीतिक अभियानों और विधानसभा क्षेत्रों में हुई बैठकों के साथ यह कार्यक्रम बीजेपी की चुनावी तैयारियों का हिस्सा रहा।
आगामी विधानसभा चुनाव में भर्ती, रोजगार, महिला सुरक्षा, विकास परियोजनाएं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है।







