उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में समाज को बांटने वाली ताकतों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जाति और क्षेत्र के नाम पर बंटने से राष्ट्रीय एकता कमजोर होती है। सीएम योगी ने जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद को समाज के लिए बीमारी बताते हुए कहा कि इससे देश की सामूहिक शक्ति कमजोर होती है और बाहरी आक्रांताओं को हमला करने का अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरदार पटेल का सच्चा अनुयायी वही हो सकता है, जो भारत की एकता और सुरक्षा को सर्वोपरि रखता हो।
जातिवाद और क्षेत्रवाद पर योगी का बड़ा बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब शरीर की प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाती है, तब बीमारी पैदा होती है। इसी तरह जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद समाज की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करते हैं। उनके मुताबिक, समाज में विभाजन की स्थिति देश की एकता और सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती है।
सीएम योगी ने कहा कि जिन्ना को आदर्श मानने और समाज को बांटने वाले विभाजनकारी लोग सरदार वल्लभभाई पटेल के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते। उन्होंने राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाए रखने और देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत पर जोर दिया।
यूपी में युवाओं के रोजगार के लिए शुरू होगी नई पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2014 के बाद से 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में लगातार मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ राज्य सरकार युवाओं के भविष्य और रोजगार पर भी काम कर रही है।
सीएम योगी के अनुसार, प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र (Employment and Industrial Zone) के गठन की कार्रवाई का शुभारंभ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने और उनके लिए रोजगार के अवसर तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
सरदार पटेल ने 563 से अधिक रियासतों को भारत में मिलाया
सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने जूनागढ़ और हैदराबाद की रियासतों का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के समय इन रियासतों के शासक भारत में विलय को लेकर आनाकानी कर रहे थे, लेकिन सरदार पटेल के प्रयासों से ये भारत का हिस्सा बनीं।
मुख्यमंत्री ने कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपने पास रखा था। उन्होंने कश्मीर में हिंदू, बौद्ध, सिख और जैन समुदायों के लोगों के साथ हुई हिंसा का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि नेहरू ने भारत के कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू किया था। सीएम योगी ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इसका विरोध किया था, लेकिन कांग्रेस ने यह गलती की।
राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर जताई चिंता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज भी राष्ट्रीय एकता के सामने चुनौतियां मौजूद हैं। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने की कोशिशों पर भी चिंता जताई। सीएम योगी के मुताबिक, समाज को बांटने वाली ताकतों और राष्ट्रीय एकता के लिए खड़ी चुनौतियों का सभी को मिलकर मुकाबला करना होगा।
सरदार पटेल की जयंती पर दिए गए इस संबोधन में मुख्यमंत्री ने सामाजिक एकता, युवाओं के रोजगार और देश की अखंडता को प्रमुख मुद्दों के रूप में उठाया। उनके बयान से उत्तर प्रदेश में जातिवाद, राष्ट्रवाद और कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज होने की संभावना है।








