उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करने और अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अब चुनाव आयोग उन लोगों की पहचान करने के लिए नया अभियान शुरू करने जा रहा है, जो 18 साल या उससे अधिक उम्र के हैं, लेकिन अभी तक विधानसभा की मतदाता सूची में उनका नाम शामिल नहीं है। इसके लिए राशन कार्ड, पंचायत और नगरीय निकायों की मतदाता सूची का सहारा लिया जाएगा। आयोग का उद्देश्य किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित होने से बचाना है।
UP Voter List: राशन कार्ड से होगी वोटर लिस्ट की जांच
चुनाव आयोग अब विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) के तहत विधानसभा की मतदाता सूची का सरकारी राशन कार्डों और अन्य स्थानीय रिकॉर्ड से मिलान कराएगा। इसके लिए सरकारी राशन की दुकानों पर पंजीकृत राशन कार्डों का सत्यापन किया जाएगा।
इस प्रक्रिया में ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान की जाएगी, जिनकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है, लेकिन उनका नाम विधानसभा की वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं है। सत्यापन के बाद पात्र लोगों को मतदाता के रूप में पंजीकृत कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारियों को जारी हुए निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग का सहयोग लिया जाएगा।
इसके तहत सरकारी राशन की दुकानों पर दर्ज राशन कार्डों का रिकॉर्ड जांचा जाएगा। इस रिकॉर्ड के आधार पर उन नागरिकों को चिह्नित किया जाएगा, जो मतदाता बनने की पात्रता रखते हैं, लेकिन अभी तक विधानसभा की मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं।
पंचायत और नगर निकाय की वोटर लिस्ट से भी होगा मिलान
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची में करीब चार करोड़ का अंतर सामने आया था। इसी अंतर को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने अब पंचायत और नगरीय निकायों की मतदाता सूचियों से भी विधानसभा की वोटर लिस्ट का मिलान कराने का फैसला किया है।
इस कवायद के जरिए ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी, जिनका नाम ग्राम पंचायत या नगर निकाय की मतदाता सूची में मौजूद है, लेकिन विधानसभा की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। पात्र पाए जाने वाले नागरिकों को विधानसभा की वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
18 से 19 साल के युवाओं का फॉर्म-6 भरवाएगा चुनाव आयोग
नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में संचालित इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब को भी सक्रिय किया जाएगा। कक्षा नौ और उससे ऊपर के विद्यार्थियों के बीच मतदान और मतदाता पंजीकरण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान में विशेष रूप से 18 से 19 वर्ष की आयु के युवाओं पर ध्यान दिया जाएगा। पात्र युवाओं से फॉर्म-6 भरवाकर उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने के लिए भी विशेष अभियान
चुनाव आयोग महिला मतदाताओं का पंजीकरण बढ़ाने के लिए भी जमीनी स्तर पर अभियान चलाएगा। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का सहयोग लिया जाएगा।
इनके माध्यम से महिलाओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस पूरी कवायद का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को अधिक व्यापक और व्यवस्थित बनाना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।








