उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या में दसवें दीपोत्सव को खास और यादगार बनाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस बार दीपोत्सव को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दीपोत्सव 2026 में पारंपरिक आतिशबाजी की जगह ग्रीन आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र बनेगी। सरयू नदी के ऊपर आसमान में ‘ग्रीन सूर्य’ का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा, जिसमें हरे और सुनहरे रंगों की रोशनी रामनगरी को जगमगाएगी। सरकार की योजना भव्य आयोजन के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता देने की है।
दीपोत्सव में दिखेगा आसमान में ‘ग्रीन सूर्य’ का अद्भुत नजारा
दीपोत्सव 2026 का प्रमुख आकर्षण सरयू नदी के ऊपर दिखाई देने वाला आकाशीय ‘ग्रीन सूर्य’ होगा। आयोजन से जुड़ी कंपनी ई फैक्टर एक्सपीरिएंसेज लिमिटेड के प्रतिनिधि के अनुसार, इस आतिशबाजी प्रदर्शन को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि जहरीले धुएं और तेज शोर को कम किया जा सके।
पर्यावरण-अनुकूल रासायनिक संयोजनों से तैयार ग्रीन आतिशबाजी के जरिए आसमान में हरे और सुनहरे रंगों का मनमोहक संगम दिखाई देगा। सरयू के ऊपर रोशनी की विभिन्न आकृतियां श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगी। इस अनूठे प्रदर्शन के जरिए दीपोत्सव की धार्मिक आस्था और आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिलेगा।
ग्रीन पटाखों में इस्तेमाल होगी कम धुआं पैदा करने वाली तकनीक
योगी सरकार इस बार दीपोत्सव में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है। आयोजन की आतिशबाजी में ग्रीन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की तैयारी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पारंपरिक पटाखों में इस्तेमाल होने वाले कुछ तत्वों के स्थान पर कम कार्बन और कम धुआं उत्पन्न करने वाले यौगिकों का उपयोग किया जाएगा।
इस तकनीक का उद्देश्य आतिशबाजी के दौरान वायु प्रदूषण और धुएं को कम करना है। इसके जरिए दीपोत्सव की भव्यता बनाए रखते हुए पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को सीमित करने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, ग्रीन पटाखों से भी कुछ मात्रा में उत्सर्जन और शोर हो सकता है, इसलिए इनके पर्यावरणीय प्रभाव को पूरी तरह समाप्त मानना सही नहीं होगा।
चकरी, रॉकेट और तिरंगे के रंगों से सजेगा आसमान
दीपोत्सव के दौरान सरयू पुल के ऊपर विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए तीन हाइड्रा तैनात करने और करीब 80 फीट की ऊंचाई पर प्लेटफॉर्म तैयार करने की योजना है। इसी स्थान से आतिशबाजी का प्रदर्शन किया जाएगा।
कार्यक्रम में चकरी, रिवर्स फायरिंग, एरियल, रॉकेट, विसिल क्रैकर और तिरंगे के साथ इंद्रधनुष के विभिन्न रंगों वाली आतिशबाजी देखने को मिलेगी। इन प्रस्तुतियों के जरिए सरयू नदी के ऊपर रंग-बिरंगी रोशनी का नजारा तैयार किया जाएगा। आयोजन में सुरक्षा और भव्यता दोनों को ध्यान में रखकर व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
योगी सरकार का ‘इको-दीपोत्सव’ पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दीपोत्सव को धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता का माध्यम बनाने की कोशिश की जा रही है। ग्रीन आतिशबाजी और कम धुआं उत्पन्न करने वाली तकनीक का इस्तेमाल इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाओं पर जोर देने से आयोजन की भव्यता के साथ स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास होगा। इस बार सरयू के ऊपर बनने वाला ‘ग्रीन सूर्य’ दीपोत्सव के सबसे चर्चित आकर्षणों में शामिल हो सकता है।








