उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में ‘एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ का गठन किया जाएगा, जिससे युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी। इस दौरान सीएम योगी ने राष्ट्रीय एकता, सरदार पटेल के योगदान और कश्मीर के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग जिन्ना को अपना आदर्श मानते हैं, वे सरदार पटेल के अनुयायी नहीं हो सकते।
हर जिले में बनेगा ‘सरदार पटेल इंडस्ट्रियल जोन’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के जीपीओ स्थित पटेल पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित किया। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से वर्ष 2014 के बाद से 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष सरदार पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक ‘एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ बनाने की पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए व्यवस्थित अवसर उपलब्ध कराना है।
‘जिन्ना को आदर्श मानने वाले पटेल के अनुयायी नहीं’
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रवाद पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का सच्चा अनुयायी वही हो सकता है, जिसके मन में राष्ट्रवाद की भावना हो और जो भारत की एकता, सुरक्षा तथा संप्रभुता को सर्वोपरि रखता हो।
सीएम योगी ने जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर समाज को बांटने की कोशिशों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस तरह का विभाजन समाज की सामूहिक शक्ति और प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है। उनके मुताबिक, देश की एकता को चुनौती देने वाली ताकतों का मुकाबला करना सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
563 से अधिक रियासतों को भारत में मिलाने में निभाई अहम भूमिका
सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जन्म गुजरात के करमसद-नडियाद क्षेत्र में हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के केवड़िया में सरदार सरोवर के तट पर स्थापित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के माध्यम से लौह पुरुष की स्मृतियों को जीवंत बनाए हुए हैं।
सीएम योगी ने कहा कि सरदार पटेल ने 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य का अभिन्न हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने जूनागढ़ और हैदराबाद की रियासतों का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के समय इन रियासतों के भारत में विलय को लेकर समस्याएं सामने आई थीं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति और देश की एकता के लिए उनके प्रयासों को याद किया।
कश्मीर मुद्दे पर नेहरू और कांग्रेस पर हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कश्मीर के मुद्दे पर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कश्मीर का मामला नेहरू ने अपने पास रखा, जिसके परिणामस्वरूप पाक अधिकृत कश्मीर आज भी पाकिस्तान के कब्जे में है। उन्होंने उस दौर में कश्मीर में हिंदुओं और सिखों के खिलाफ हुई हिंसा का भी उल्लेख किया।
सीएम योगी ने अनुच्छेद 370 लागू किए जाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विरोध के बावजूद नेहरू ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू किया था।
अनुच्छेद 370 हटाने को बताया सरदार पटेल के सपने की दिशा में कदम
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को समाप्त कर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों की तरह भारत का पूर्ण हिस्सा बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम था।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि यही सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों के भारत की कल्पना है।
जातिवाद और क्षेत्रवाद देश की एकता के लिए खतरा
राष्ट्रीय एकता के सामने मौजूद चुनौतियों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब लोग जाति, क्षेत्र या भाषा के आधार पर बंटते हैं, तो समाज की सामूहिक शक्ति कमजोर होती है। उन्होंने इसकी तुलना शरीर की प्रतिरोधक क्षमता से करते हुए कहा कि कमजोर प्रतिरोधक क्षमता होने पर बीमारियां आसानी से घेर लेती हैं।
सीएम योगी ने चेतावनी दी कि सामाजिक विभाजन देश की एकता और सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने और राष्ट्रीय अखंडता को चुनौती देने वाली कोशिशों का मिलकर मुकाबला करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कई मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक शशांक वर्मा और उनके स्वर्गीय पिता पटेल रामकुमार वर्मा के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर विधायक शशांक वर्मा ने प्रसिद्ध चित्रकार शैलेंद्र उत्तम द्वारा गेहूं के दाने से बनाया गया सरदार पटेल का चित्र मुख्यमंत्री को भेंट किया। कार्यक्रम में अन्य अतिथियों के साथ ‘पटेल स्मारिका 2026’ का विमोचन भी किया गया।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, गिरीश यादव, सरदार बलदेव सिंह औलख, कैलाश राजपूत, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल और राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल समेत कई जनप्रतिनिधियों ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।








