कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के बीच तनाव की खबरों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में संसद और देश को विश्वास में लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। खरगे ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के बयान का हवाला देते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा और सरकार की जवाबदेही से जुड़े सवाल उठाए हैं।
अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ टकराव पर खरगे ने जताई चिंता
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर केंद्र सरकार से चीन के मुद्दे पर जवाब मांगा। उन्होंने ITBP के महानिदेशक की उस टिप्पणी का उल्लेख किया, जिसमें अरुणाचल प्रदेश में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के साथ टकराव का जिक्र किया गया था।
खरगे ने सवाल उठाया कि क्या डोकलाम और गलवान के बाद भारत और चीन के बीच एक बार फिर गंभीर टकराव की स्थिति बन रही है? उन्होंने कहा कि चीन को अब और ‘‘क्लीन चिट’’ नहीं दी जानी चाहिए और प्रधानमंत्री को देश के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
डोकलाम और गलवान के बाद फिर बढ़ा तनाव?
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि अगस्त में अरुणाचल प्रदेश के ताकसिंग के निकट चीनी घुसपैठ की खबरें सामने आई थीं। उन्होंने वाचा-दमाई में कोर कमांडर स्तर की बातचीत के 47 दिन बाद भी कथित टकराव जारी रहने को लेकर सवाल उठाए।
खरगे ने यह भी पूछा कि क्या इस घटनाक्रम से भारतीय सेना की गश्त की पहुंच प्रभावित हुई है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए कहा, ‘‘अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है. देश को इस बारे में अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है?’’
हालांकि, चीनी घुसपैठ और कथित टकराव को लेकर खरगे की ओर से उठाए गए सवालों की स्वतंत्र पुष्टि इन बयानों के आधार पर नहीं होती है।
चीन सीमा पर आधुनिक सैन्य तैयारियों का भी उठाया मुद्दा
मल्लिकार्जुन खरगे ने चीन की सैन्य तैयारियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पारंपरिक युद्ध रणनीतियों के जरिए चीन का मुकाबला करने का दौर बदल चुका है। उनके मुताबिक, चीन अपने सैनिकों, हथियारों, वाहनों और सीमा चौकियों के आधुनिकीकरण में निवेश कर रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने इस संदर्भ में केंद्र सरकार से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर अधिक स्पष्टता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चीन के साथ सीमा पर पैदा होने वाली परिस्थितियों को लेकर देश को सही जानकारी मिलनी चाहिए।
चीन से आयात बढ़ने और व्यापार घाटे पर भी घेरा
खरगे ने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ आर्थिक सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि वित्त वर्ष 2020-21 के बाद चीन से भारत के आयात में 102 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और व्यापार घाटा बढ़कर 112.16 अरब डॉलर हो गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने चीन के साथ बढ़ते व्यापारिक असंतुलन को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में जवाबदेही जरूरी है और उनकी पार्टी को सशस्त्र बलों पर पूरा भरोसा है।
PM मोदी से संसद में स्थिति स्पष्ट करने की मांग
मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विपक्ष पर हमला करने के बजाय चीन के साथ सीमा पर बने हालात को लेकर संसद और देश को भरोसे में लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
अरुणाचल प्रदेश में कथित चीनी घुसपैठ, सीमा पर टकराव और चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर खरगे के बयान ने केंद्र सरकार की चीन नीति पर राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है।







