कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर तंज कसा था। थरूर का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार राहुल गांधी को नीचा दिखाने की कोशिश कर रही है, क्योंकि वह उनकी बढ़ती लोकप्रियता से चिंतित है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने पिछले कुछ महीनों में युवा मतदाताओं के बीच नया उत्साह पैदा किया है।
राहुल गांधी पर PM मोदी के बयान को लेकर क्या बोले थरूर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि श्रीहरिकोटा से एक साल में उतने रॉकेट लॉन्च नहीं होते, जितनी बार कांग्रेस अपने नेता को लॉन्च करने की असफल कोशिश करती है। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शशि थरूर ने कहा कि बीजेपी का यह दावा गलत है कि राहुल गांधी गंभीर नेता नहीं हैं।
एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में थरूर ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में राहुल गांधी ने देश के युवा मतदाताओं के बीच एक नया उत्साह और जोश पैदा किया है। उन्होंने बीजेपी को सलाह दी कि राहुल गांधी को नजरअंदाज करने के बजाय पार्टी को उनकी बढ़ती लोकप्रियता और युवाओं के बीच हो रहे बदलाव पर ध्यान देना चाहिए।
थरूर ने कहा, ‘बीजेपी राहुल गांधी को गंभीरता से ले रही है और इसी वजह से उन्हें जनता के सामने एक नाकाम नेता के रूप में पेश करने में लगी हुई है.’
राहुल गांधी को लेकर BJP की रणनीति पर उठाए सवाल
शशि थरूर के मुताबिक, राहुल गांधी को लगातार निशाना बनाया जाना इस बात का संकेत है कि बीजेपी उन्हें राजनीतिक रूप से गंभीरता से ले रही है। उन्होंने राहुल गांधी की लोकप्रियता को लेकर बीजेपी के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को उनके प्रभाव को कमतर दिखाने के बजाय राजनीतिक परिस्थितियों में हो रहे बदलावों को समझना चाहिए।
नेहरू-गांधी परिवार पर PM मोदी के दावे को थरूर ने किया खारिज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया था कि नेहरू-गांधी परिवार कांग्रेस के लिए खुद एक बोझ बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बंद कमरों में सत्ताधारी नेताओं से बातचीत के दौरान इस बात को स्वीकार करते हैं। हालांकि, शशि थरूर ने प्रधानमंत्री के इस दावे को खारिज कर दिया।
थरूर ने कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी में अलग विचार रखने वाले नेताओं को भी अपनी बात रखने का अवसर मिलता है। उनके मुताबिक, पार्टी लाइन से अलग राय व्यक्त करने के बावजूद वह कांग्रेस का हिस्सा हैं, पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करते हैं और विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं।
कांग्रेस में अलग राय रखने की भी आजादी: शशि थरूर
कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र को मजबूत बताते हुए शशि थरूर ने कहा, ‘भले ही उन्होंने कई मौकों पर पार्टी लाइन से अलग विचार व्यक्त किए हों, लेकिन फिर भी वे पार्टी का हिस्सा हैं, पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करते हैं और विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं. अलग राय रखने मात्र से किसी को पार्टी में नजरअंदाज या खारिज नहीं किया जाता.’
‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर भी सक्रिय हैं राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहे हैं। इसी राजनीतिक माहौल के बीच प्रधानमंत्री मोदी और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी तेज है। शशि थरूर की प्रतिक्रिया ने राहुल गांधी की लोकप्रियता, बीजेपी की रणनीति और कांग्रेस के आंतरिक लोकतंत्र को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को फिर चर्चा में ला दिया है।







